When will be 8th CPC Implemented ?
केंद्र सरकार ने 8th Central Pay Commission (8th CPC) का गठन औपचारिक रूप से कर दिया है और इसके लिए Ministry of Finance द्वारा 03 November 2025 को Terms of Reference (ToR) भी नोटिफाई कर दिए गए हैं। Lok Sabha में 08 December 2025 को Unstarred Question No. 1347 के जवाब में सरकार ने पुष्टि की कि 8th CPC अब पूरी तरह से स्थापित है, और इसके अंतर्गत लगभग 50.14 लाख Central Government employees और 69 लाख pensioners कवर किए जाएंगे। सरकार ने यह भी कहा कि 8th CPC की सिफ़ारिशों को लागू करने के लिए आवश्यक fund allocation किया जाएगा, हालांकि implementation date का अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा।
What are ToR for 8th CPC
ToR के अनुसार 8th CPC वेतन संरचना (Pay Matrix), allowances, pension revision, DA neutralization, MACP rationalisation, performance-related incentives और autonomous bodies की pay parity जैसे मुद्दों की समीक्षा करेगा। इसमें कर्मचारियों व pensioners की associations के साथ consultation भी शामिल है। ToR का उद्देश्य आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई, बाज़ार वेतन और सरकारी वित्तीय क्षमता को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित वेतन ढाँचा तैयार करना है।
Recommendation of Staff Side for 8th CPC Pay and Allowances
Staff Side JCM और केंद्रीय Trade Unions ने 8th CPC को लेकर अपनी प्रमुख माँगें प्रस्तुत की हैं, जिनमें सबसे बड़ी माँग minimum fitment factor को 3.68, और minimum pay को ₹26,000–30,000 तक बढ़ाने की है। इसके अतिरिक्त MACP को 8-16-24 वर्ष के पैटर्न में लागू करना, DA को 50% होने पर basic pay में merge करना, पुरानी HRA slab को restore करना, तथा pensioners के लिए higher additional pension slabs जैसी माँगें शामिल हैं। JCM ने pay anomalies, promotion hierarchy, और lower pay levels में stagnation को भी प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया है।
Bharatiya Mazdoor Sangh (BMS) ने भी सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। BMS ने pay compression हटाने, autonomous bodies के कर्मचारियों को समान लाभ देने, performance-linked pay के प्रस्तावों का विरोध करने, और सभी कर्मचारियों के लिए एक स्थिर व सम्मानजनक pension revision formula लागू करने की माँग की है। इसके अतिरिक्त BMS ने NPS से जुड़ी समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया है, जिसमें guaranteed pension और DA merger का मुद्दा प्रमुख है।
Progress on 8th Central Pay Commission
समग्र रूप से देखा जाए तो 8th CPC का गठन और ToR का जारी होना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है, जो संकेत देता है कि वेतन व पेंशन संरचना की अगली बड़ी समीक्षा अब शुरू हो चुकी है। सरकार ने Lok Sabha में स्पष्ट किया है कि recommendations को स्वीकार किए जाने पर funds उपलब्ध कराए जाएंगे, परंतु implementation date सरकार बाद में तय करेगी। 8th CPC की रिपोर्ट 2026–2027 के बीच आने की संभावना है, और इससे देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों व pensioners के लिए वेतन, allowances और pension structure में व्यापक बदलाव होने की उम्मीद है।
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