भारत के पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। हाल ही में Girish vs Union of India मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्णय देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि Disability Pension का Broadbanding 01.01.1996 से लागू माना जाएगा।
इस निर्णय के साथ ही अदालत ने सरकार द्वारा लगाए गए एक बड़े प्रतिबंध को भी हटा दिया है, जिसके कारण अब हजारों पूर्व सैनिकों को पूरे बकाया एरियर (Full Arrears) मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
Broadbanding क्या होता है?
सेना में Broadbanding का अर्थ है कि यदि किसी सैनिक को सेवा के दौरान चोट या बीमारी के कारण Disability Pension मिल रही है, तो उसकी वास्तविक Disability Percentage को एक उच्च श्रेणी में मान लिया जाता है। उदाहरण के लिए –
- 1% – 49% Disability → 50% माना जाएगा
- 50% – 75% Disability → 75% माना जाएगा
- 76% – 100% Disability → 100% माना जाएगा
इस व्यवस्था से सैनिक को अधिक Disability Element के आधार पर पेंशन मिलती है।
पहले क्या समस्या थी?
सरकार द्वारा Broadbanding लागू करने में कई बार निम्न प्रकार की सीमाएँ लगा दी जाती थीं:
- Broadbanding का लाभ 01.01.1996 से नहीं दिया जा रहा था।
- यदि किसी सैनिक ने कोर्ट में मामला जीता भी, तो arrears केवल पिछले 3 वर्षों तक ही सीमित कर दिए जाते थे।
इस कारण हजारों सैनिकों को उनका वास्तविक बकाया लाभ नहीं मिल पाता था।
सुप्रीम कोर्ट का नया फैसला
Supreme Court of India ने अपने ताज़ा आदेश में निम्न महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं:
- Broadbanding of Disability Pension 01.01.1996 से लागू मानी जाएगी।
- Arrears को केवल 3 साल तक सीमित करने का नियम हटाया गया है।
- पात्र सैनिक अब कानून के अनुसार पूरा बकाया (Full Arrears) प्राप्त करने के हकदार होंगे।
यह फैसला Case No. CA No. 6820-6824/2018 और इससे जुड़े अन्य मामलों में दिया गया है।
इससे किन सैनिकों को फायदा होगा?
यह आदेश विशेष रूप से निम्न श्रेणी के पूर्व सैनिकों के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है:
- Disability Pensioners
- War-injured soldiers
- Invalided out personnel
- वे सैनिक जिन्हें Broadbanding का पूरा लाभ नहीं दिया गया था
- जिनकी PPO में Broadbanding का संशोधन नहीं किया गया
ऐसे कई मामलों में पेंशन की राशि और एरियर दोनों में भारी वृद्धि संभव है।
क्या करना चाहिए?
यदि आप या आपके परिचित पूर्व सैनिक इस श्रेणी में आते हैं, तो निम्न कदम उठाना उचित होगा:
- अपनी PPO (Pension Payment Order) की जांच करें।
- देखें कि Disability Percentage Broadbanded है या नहीं।
- PCDA (Pensions) sanction order या corrigendum की स्थिति जांचें।
- आवश्यकता होने पर revision claim या legal remedy पर विचार करें।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे हजारों पूर्व सैनिकों को:
- उच्च Disability Pension
- कई वर्षों का बड़ा एरियर
- कानूनी रूप से मान्य पूर्ण अधिकार
मिल सकता है।
यह फैसला पूर्व सैनिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
जागरूकता फैलाना जरूरी
यदि आपके आसपास कोई Disability Pensioner, War-injured Veteran या Invalided Out Soldier है, तो उन्हें इस निर्णय की जानकारी अवश्य दें। सही जानकारी मिलने पर वे अपने पेंशन लाभों का पुनरीक्षण (Revision) करवा सकते हैं।
✅ निष्कर्ष:
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पूर्व सैनिकों के लिए अत्यंत राहत भरा है। अब Broadbanding का लाभ 01.01.1996 से लागू होगा और एरियर केवल 3 साल तक सीमित नहीं रहेगा। पात्र सैनिकों को कानून के अनुसार पूरा बकाया प्राप्त करने का अधिकार है।
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