सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय : Notional Increment
20 मई 2025 को एक ऐतिहासिक निर्णय के साथ, 2017 में शुरू हुई एक लंबी कानूनी लड़ाई पर पूर्ण विराम लग गया। यह मामला था नोशनल इंक्रीमेंट (Notional Increment) को लेकर, जिसे लेकर एक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी ने पहल की थी। सुप्रीम कोर्ट के अंतिम आदेश के बाद अब केंद्र सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है, और संबंधित विभाग DOP&T द्वारा इसका ऑफिस मेमोरेंडम (OM) भी जारी कर दिया गया है।
क्या है नोशनल इंक्रीमेंट विवाद?
जब कोई सरकारी कर्मचारी 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर होता है और उसने उस दिन तक पूर्ण एक वर्ष की सेवा पूरी कर ली होती है, तो उसे अगली वेतनवृद्धि (Increment) मिलनी चाहिए।
लेकिन अभी तक ऐसे मामलों में किसी भी विभाग द्वारा यह वेतन वृद्धि नहीं दी जाती थी, जिससे कर्मचारी को कम पेंशन मिलती थी। इसी के खिलाफ यह कानूनी लड़ाई लड़ी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और सरकारी प्रतिक्रिया
- सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही यह निर्णय कर्मचारियों के पक्ष में दिया था।
- सरकार ने इस फैसले को चुनौती देने के लिए SLP (Special Leave Petition), Review Petition आदि दायर की थी।
- अंततः 20 मई 2025 को DOP&T ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वीकार करते हुए संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिया।
किसे मिलेगा लाभ?
इस फैसले का लाभ निम्नलिखित को मिलेगा:
- केंद्रीय सरकारी कर्मचारी
- अर्धसैनिक बलों के जवान
- रक्षा सेवा के पूर्व कर्मचारी
- सभी राज्य सरकारों के कर्मचारी (क्योंकि केंद्र की नीति राज्य सरकारों को प्रभावित करती है)
बड़ी बातें इस आदेश में
- DOP&T द्वारा OM जारी किया गया – दिनांक 20 मई 2025
- सभी मंत्रालयों और विभागों को भेजा गया – जैसे कि सुप्रीम कोर्ट, UPSC, लोकसभा, राज्यसभा, वित्त मंत्रालय, नीति आयोग आदि।
- सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी भेजा गया
- पेंशन गणना में नोशनल इंक्रीमेंट को शामिल किया जाएगा
- DOP&T और Expenditure Department की संयुक्त सहमति के बाद आदेश जारी हुआ
एरियर और पात्रता
- आपको कितना एरियर मिलेगा, यह आपके रिटायरमेंट की तारीख और कोर्ट केस की स्थिति पर निर्भर करता है।
- यदि आपने पहले से कोर्ट केस दायर किया था या अब आवेदन कर रहे हैं, तो उसके अनुसार एरियर की गणना की जाएगी।
- यह लाभ तब तक मिलता रहेगा जब तक आप या आपके परिजन पेंशन प्राप्त करते हैं।
महत्वपूर्ण दस्तावेज और स्रोत
- OM की कॉपी – DOP&T द्वारा जारी
- सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर – जिसकी पुष्टि की गई है
- ये सभी दस्तावेज संबंधित चैनलों जैसे WhatsApp चैनल आदि पर उपलब्ध हैं।
निष्कर्ष
2017 से चली आ रही यह लंबी लड़ाई अब समाप्त हो गई है और यह फैसला लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है। अब उन्हें पेंशन में उस वेतनवृद्धि का लाभ मिलेगा, जिसका वे वर्षों से इंतजार कर रहे थे।
यह एक ऐतिहासिक निर्णय है जो न्याय की जीत और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा का प्रतीक बन गया है।
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