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Armed Forces Tribunal (AFT), Regional Bench Lucknow ने एक retired Army personnel के Disability Pension से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, Tribunal ने पाया कि सैनिक की चोट के इलाज में गलत diagnosis और असंतोषजनक medical treatment के आरोपों की जांच के दौरान महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। Tribunal ने संबंधित अधिकारियों को 1 फरवरी 2023 से जीवनभर के लिए 51% disability के आधार पर pension देने का निर्देश दिया।
यह मामला उन Ex-Servicemen के लिए महत्वपूर्ण है जो service के दौरान या service से संबंधित परिस्थितियों में लगी चोट, disability assessment, medical treatment और Disability Pension की पात्रता को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
AFT Lucknow Disability Pension Case: मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Tribunal | Armed Forces Tribunal (AFT), Regional Bench Lucknow |
| OA Number | OA No. 162/2024 |
| आवेदक | रिटायर्ड सैनिक अखिलेश कुमार गिरि |
| Army में भर्ती | 04 January 2004 |
| Retirement | 31 January 2023 |
| Disability Assessment | 51% |
| Pension की प्रभावी तिथि | 01 February 2023 |
| Advocate | सर्वेश कुमार वर्मा |
| लागू नियम का उल्लेख | Entitlement Rules, 2008, Rule 10 |
| निर्णय का प्रमुख विषय | Disability Pension और disability assessment |
नोट: ऊपर दिए गए विवरण उपलब्ध समाचार रिपोर्ट पर आधारित हैं। आदेश की सटीक शर्तों, interest और compliance की पुष्टि के लिए AFT का original judgment देखना आवश्यक है।
क्या है पूरा मामला?
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश कुमार गिरि 4 जनवरी 2004 को Indian Army में भर्ती हुए थे और 31 जनवरी 2023 को सेवानिवृत्त हुए।
22 जुलाई 2009 को, जब वे Lucknow में अपनी annual leave पर थे, तब सड़क दुर्घटना में उनके कूल्हे के जोड़ (Hip Joint) में चोट लगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके बाएं घुटने के PCL (Posterior Cruciate Ligament) में भी चोट आई थी।
Release Medical Board ने उनकी disability को जीवनभर के लिए 51% assess किया था। हालांकि, disability को न तो attributable to military service और न ही aggravated by military service माना गया। इस आधार पर उन्हें Disability Pension का लाभ नहीं मिला।
यही इस मामले का प्रमुख विवाद था—क्या उनकी disability को सैन्य सेवा से संबंधित माना जाना चाहिए और क्या वे Disability Pension के पात्र थे?
गलत Diagnosis और Medical Treatment पर उठे सवाल
आवेदक की ओर से Advocate सर्वेश कुमार वर्मा ने Tribunal के समक्ष तर्क दिया कि शुरुआती इलाज में चोट का सही diagnosis नहीं हो पाया था।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, Lucknow के एक hospital में लगभग 145 दिनों तक Hip Joint की समस्या का इलाज किया गया। बाद में एक private hospital में CT Scan के दौरान Femoral Neck में fracture का पता चला।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सैनिक की छह बार surgery हुई। Reconstruction की कोशिशों के बाद अंततः Total Hip Replacement की प्रक्रिया अपनानी पड़ी।
आवेदक की ओर से यह दलील दी गई कि शुरुआती diagnosis और treatment में हुई कथित गलतियों के कारण उनकी disability और अधिक गंभीर हो गई।
AFT ने क्या निष्कर्ष निकाला?
समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, Tribunal ने मामले में गलत diagnosis और असंतोषजनक treatment से संबंधित तथ्यों पर विचार किया। रिपोर्ट में Tribunal के निष्कर्ष को Entitlement Rules, 2008 के Rule 10 के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।
यह समझना जरूरी है कि किसी सैनिक को Disability Pension का entitlement केवल disability percentage से निर्धारित नहीं होता। इसके लिए disability की प्रकृति, उसके कारण, military service से संबंध और लागू rules के अनुसार medical board की findings भी महत्वपूर्ण होती हैं।
इसलिए, अन्य Ex-Servicemen को इस मामले के आधार पर स्वतः पात्रता मानने के बजाय अपने individual medical documents और pension records की जांच करानी चाहिए।
Tribunal का आदेश: 51% Disability Pension
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, AFT ने Supreme Court के Ram Avtar निर्णय (2014) का संदर्भ देते हुए संबंधित अधिकारियों को 1 फरवरी 2023 से जीवनभर के लिए 51% disability के आधार पर pension देने का निर्देश दिया।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि 51% disability को rounding-off के आधार पर 75% माना जाएगा।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना चाहिए: Disability assessment, disability element की calculation और pension के लिए rounding-off अलग-अलग कानूनी तथा वित्तीय प्रश्न हो सकते हैं। वास्तविक लाभ की गणना संबंधित pension rules और Tribunal के operative order के अनुसार ही की जानी चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार, आदेश का पालन चार महीने के भीतर किया जाना था और अनुपालन में देरी होने पर 8% interest का प्रावधान बताया गया है। Interest की वास्तविक applicability और calculation की पुष्टि original judgment से की जानी चाहिए।
Supreme Court का Ram Avtar Judgment क्यों महत्वपूर्ण है?
Supreme Court का Union of India v. Ram Avtar मामला Armed Forces pension मामलों में disability percentage के rounding-off से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों में गिना जाता है।
लेकिन rounding-off का लाभ हर disability pension case में बिना शर्त लागू हो, ऐसा मानना सही नहीं होगा। पात्रता, disability की स्वीकृत प्रकृति, applicable pension rules और संबंधित आदेश की शर्तें देखना आवश्यक है।
इस मामले में Tribunal द्वारा Ram Avtar judgment का संदर्भ दिए जाने की बात समाचार रिपोर्ट में कही गई है।
Ex-Servicemen Disability Pension के लिए क्या करें?
यदि किसी retired soldier की Disability Pension claim reject हो गई है, तो निम्नलिखित documents की समीक्षा उपयोगी हो सकती है:
- Release Medical Board या संबंधित Medical Board की proceedings।
- Injury report, medical history और treatment records।
- Disability percentage तथा permanence से संबंधित assessment।
- Attributability या aggravation पर Medical Board की राय।
- Rejection order और pension sanction documents।
- संबंधित service records और उपलब्ध medical investigation reports।
- लागू Pension Regulations, Entitlement Rules तथा संबंधित न्यायिक निर्णय।
यदि claim अस्वीकार किया गया है, तो case की परिस्थितियों के अनुसार competent authority के समक्ष representation या Armed Forces Tribunal में कानूनी remedy पर विचार किया जा सकता है। समय-सीमा और सही forum के लिए योग्य legal adviser से सलाह लेना उचित है।
निष्कर्ष
AFT Lucknow से संबंधित यह Disability Pension मामला इस बात को रेखांकित करता है कि Ex-Servicemen के pension claims में medical records, disability assessment, injury के कारण और लागू pension rules की सही व्याख्या महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हालांकि, इस समाचार के आधार पर प्रत्येक retired soldier को समान लाभ मिलने की गारंटी नहीं दी जा सकती। अपने मामले में निर्णय लेने से पहले original Tribunal order और संबंधित service documents की जांच अवश्य करें।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्ट पर आधारित सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह legal advice नहीं है। Tribunal के आदेश की सटीक शर्तों और वर्तमान कानूनी स्थिति के लिए original judgment तथा आधिकारिक नियमों को देखें।
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