Income Tax Rules 2026: सैनिकों, Ex-Servicemen, Disability Pensioners और Senior Citizens के लिए पूरी जानकारी

ESM Info Club | Sainik Welfare News | Updated: 22 October 2026

भारत सरकार के आयकर नियमों में 17 सितंबर 2026 को किया गया एक महत्वपूर्ण संशोधन Defence Personnel, Ex-Servicemen (ESM), Disability Pension Holders, Re-employed Veterans और Senior Citizens के लिए भी जानना जरूरी है।

Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने Notification No. 120/2026, G.S.R. 822(E) के माध्यम से Income-tax Rules, 2026 के Rule 225 में संशोधन किया। इस संशोधन के तहत टैक्स बकाया वसूलने के लिए गिरफ्तारी और Civil Jail में हिरासत से संबंधित निर्धारित प्रक्रियाएं हटा दी गई हैं। संबंधित संशोधनों को 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना गया है।

इसका सीधा अर्थ यह है कि टैक्स वसूली के लिए गिरफ्तारी और सिविल जेल में हिरासत की पुरानी प्रक्रिया हटा दी गई है, लेकिन टैक्स की देनदारी समाप्त नहीं हुई है। विभाग कानून के अनुसार संपत्ति की कुर्की और बिक्री सहित अन्य उपलब्ध वसूली उपाय अपना सकता है।

सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए इस विषय को समझना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि उनकी आय के स्रोत सामान्य करदाताओं से अलग हो सकते हैं—जैसे Service Pension, Disability Pension, Family Pension, Re-employment Salary, बैंक ब्याज, किराया और अन्य निवेश से होने वाली आय।

इस लेख में हम समझेंगे कि इस बदलाव का क्या अर्थ है, किन मामलों में Income Tax लागू हो सकता है और सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा वरिष्ठ नागरिकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. सबसे पहले समझें: क्या बदला है और क्या नहीं?

क्या बदला है?

CBDT ने Rule 225 से टैक्स बकाया वसूलने के लिए गिरफ्तारी और Civil Jail में detention से संबंधित प्रक्रियाएं हटा दी हैं।

क्या जारी रहेगा?

बकाया टैक्स की वसूली, संपत्ति की कुर्की और बिक्री सहित अन्य लागू कानूनी उपाय जारी रह सकते हैं।

क्या टैक्स माफ हो गया?

नहीं। यह संशोधन टैक्स माफी, पुराने बकाये की स्वतः समाप्ति या सभी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से छूट नहीं देता।

यह बदलाव सभी पात्र करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसका कोई अलग विशेष लाभ केवल इसलिए नहीं मिलता कि कोई व्यक्ति सैनिक, पूर्व सैनिक, दिव्यांग पेंशनधारक या वरिष्ठ नागरिक है।

लेकिन किसी व्यक्ति पर टैक्स बकाया बनने से पहले यह समझना भी उतना ही जरूरी है कि उसकी कौन-सी आय कर योग्य है और कौन-सी आय कानून के अनुसार छूट प्राप्त है।

2. Serving Soldiers: सेवारत सैनिकों पर Income Tax कैसे लागू होता है?

सेवारत Army, Navy और Air Force personnel को मिलने वाली सभी रकम को एक ही श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। उनकी आय में Basic Pay, Military Service Pay, Dearness Allowance, विभिन्न allowances, बोनस, ब्याज और अन्य आय शामिल हो सकती है।

मुख्य बातें:

  • वेतन: सामान्यतः वेतन और कर योग्य allowances पर लागू नियमों के अनुसार आयकर लगता है।
  • विशेष allowances: कुछ निर्धारित भत्तों पर परिस्थितियों और लागू नियमों के अनुसार छूट मिल सकती है। हर Defence Allowance स्वतः पूरी तरह tax-free नहीं होता।
  • बैंक ब्याज: Savings Account और Fixed Deposit से प्राप्त ब्याज को कुल आय की गणना में लागू नियमों के अनुसार शामिल करना पड़ सकता है।
  • दूसरी आय: किराया, निवेश से आय, पूंजीगत लाभ और अन्य आय की भी जांच करनी चाहिए।
  • TDS: वेतन से TDS कटने का अर्थ यह नहीं है कि अन्य आय की जानकारी देना या लागू ITR दाखिल करना अनावश्यक हो गया।

यदि किसी सेवारत सैनिक पर सही आकलन के बाद टैक्स बकाया बनता है और वह निर्धारित समय में भुगतान नहीं करता, तो विभाग लागू वसूली प्रक्रिया अपना सकता है। Rule 225 में किया गया संशोधन टैक्स की गणना या वेतन पर लागू छूट को अपने आप नहीं बदलता।

3. Ex-Servicemen (ESM): सैन्य पेंशन पर कितना Income Tax लगता है?

पूर्व सैनिकों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक है। केवल Army से रिटायर होने के कारण किसी व्यक्ति की हर प्रकार की आय tax-free नहीं हो जाती।

आय का प्रकारसामान्य कर स्थिति
नियमित Service Pensionसामान्यतः कर योग्य
Commuted Pensionलागू नियमों के अनुसार छूट; पात्र Defence retirees की commuted pension सामान्यतः पूरी तरह exempt
Re-employment Salaryलागू नियमों के अनुसार कर योग्य
बैंक ब्याज और FD Incomeलागू नियमों के अनुसार कर योग्य
किराये की आयलागू House Property नियमों के अनुसार कर योग्य
पात्र Disability Pensionनीचे दिए गए विशेष नियम लागू हो सकते हैं

आयकर विभाग की पेंशन संबंधी आधिकारिक जानकारी में नियमित uncommuted pension को सामान्यतः Salary के अंतर्गत कर योग्य बताया गया है। सरकारी तथा Defence personnel की पात्र commuted pension के लिए अलग छूट भी उपलब्ध है।

एक उदाहरण

मान लीजिए किसी पूर्व सैनिक को साल में ₹7,20,000 की नियमित Service Pension मिलती है और ₹60,000 बैंक ब्याज मिलता है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि उसे सीधे ₹7,80,000 पर ही टैक्स देना होगा। पहले लागू नियमों के अनुसार कुल आय, अनुमत deductions, standard deduction, चुने गए tax regime और उपलब्ध rebate की गणना करनी होगी।

यदि टैक्स देय बनता है, तो निर्धारित समय में भुगतान करना चाहिए। यदि बाद में सही टैक्स मांग के बावजूद बकाया रह जाता है, तो संशोधित recovery rules प्रासंगिक हो सकते हैं।

यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है, व्यक्तिगत टैक्स गणना नहीं।

4. Disability Pension Holders: क्या Disability Pension पूरी तरह Tax-Free है?

यहाँ सबसे अधिक सावधानी की जरूरत है। सभी disability pensioners को बिना किसी शर्त के पूरी pension पर tax exemption मिलती है, ऐसा कहना सही नहीं होगा।

आयकर विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, Armed Forces का वह व्यक्ति जिसे सैन्य सेवा के कारण हुई या उससे बढ़ी शारीरिक दिव्यांगता के आधार पर सेवा से invalided out किया गया हो, उसकी पात्र Disability Pension के दोनों हिस्से—Service Element और Disability Element—आयकर से मुक्त हो सकते हैं। सामान्य superannuation या अन्य तरीके से सेवानिवृत्त हुए कर्मियों के लिए यही छूट स्वतः उपलब्ध नहीं मानी जाती।

Disability Pension के मामले में तीन स्थितियां समझें

स्थिति A: सेवा से Invalided Out

यदि व्यक्ति निर्धारित शर्तें पूरी करता है और उसकी disability सैन्य सेवा से attributable या aggravated है, तो पात्र Service Element तथा Disability Element दोनों पर छूट लागू हो सकती है।

स्थिति B: सामान्य सेवानिवृत्ति के साथ Disability Element

यदि व्यक्ति सामान्य रूप से रिटायर हुआ है और उसे Service Pension के साथ Disability Element मिलता है, तो केवल disability percentage या medical category के आधार पर पूरी pension को tax-free नहीं मानना चाहिए। लागू अधिनियम, छूट की शर्तों और व्यक्तिगत रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।

स्थिति C: Disability Pension के साथ अन्य आय

यदि पात्र Disability Pension tax-exempt है, तब भी re-employment salary, किराया, ब्याज या अन्य कर योग्य आय पर अलग से आयकर देय हो सकता है।

Income-tax Act, 2025 के अंतर्गत Disability Pension की छूट को स्पष्ट रूप से जारी रखने के लिए प्रावधान किए गए हैं। वित्त वर्ष 2026–27 और उसके बाद लागू नियमों की जांच करते समय पात्रता तथा संबंधित प्रावधानों को ध्यान में रखना चाहिए।

ESM के लिए सलाह: PPO, Disability Pension Sanction Order, Medical Board proceedings, invaliding-out documents और अन्य प्रासंगिक सेवा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। टैक्स छूट का दावा करते समय इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।

5. Re-employed Ex-Servicemen: दो आय होने पर टैक्स कैसे लगेगा?

बहुत से पूर्व सैनिक रिटायरमेंट के बाद Central Government, State Government, Postal Department, PSUs, banks, private companies या अन्य संस्थानों में दोबारा नौकरी करते हैं।

ऐसे मामलों में सामान्यतः दो अलग-अलग आय स्रोत होते हैं:

  • पूर्व सैन्य सेवा से प्राप्त Service Pension।
  • नई नौकरी से प्राप्त Salary, allowances और अन्य वेतन संबंधी लाभ।

इसके अतिरिक्त FD interest, किराया या अन्य निवेश से आय भी हो सकती है।

उदाहरण: पूर्व सैनिक को पेंशन और दोबारा नौकरी का वेतन मिलता है

वार्षिक Service Pension

₹4,80,000

नई नौकरी का वार्षिक वेतन

₹8,40,000

कुल सकल आय (उदाहरण)

₹13,20,000

यह उदाहरण केवल समझाने के लिए है। वास्तविक कर योग्य आय में अनुमत deductions, exemptions, salary components और अन्य आय का हिसाब अलग हो सकता है।

ऐसे करदाता को अपनी pension और salary दोनों की सही जानकारी देनी चाहिए। दोनों भुगतानकर्ताओं द्वारा अलग-अलग TDS काटे जाने पर भी पूरे वर्ष की कुल आय पर अंतिम टैक्स देयता की गणना जरूरी होती है।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  1. Re-employment से प्राप्त Salary सामान्यतः कर योग्य होती है।
  2. नियमित Service Pension भी सामान्यतः कर योग्य होती है।
  3. नई नौकरी में लागू standard deduction और अन्य लाभों की पात्रता के अनुसार गणना करें।
  4. दोनों भुगतानकर्ताओं से मिले Form 16, Pension Payment Order (PPO), बैंक स्टेटमेंट और TDS विवरण मिलाकर जांचें।
  5. यदि अतिरिक्त टैक्स देय हो, तो उसे निर्धारित समय में जमा करें और लागू ITR नियमों का पालन करें।

Rule 225 का संशोधन re-employed ex-servicemen को टैक्स छूट नहीं देता। इसका संबंध टैक्स बकाया वसूलने की प्रक्रिया से है, न कि दोहरी आय पर टैक्स लगाने के नियमों से।

6. Senior Citizens और Super Senior Citizens के लिए क्या बदलता है?

60 वर्ष या उससे अधिक आयु के कई पूर्व सैनिक और वरिष्ठ नागरिक नियमित पेंशन, FD interest, किराये तथा अन्य निवेश से आय प्राप्त करते हैं।

आयकर के नियमों में Senior Citizen और Super Senior Citizen के लिए कुछ विशेष प्रावधान उपलब्ध हैं। हालांकि, इनका लाभ संबंधित कर व्यवस्था, निवास स्थिति और लागू वित्त वर्ष के नियमों पर निर्भर करता है।

श्रेणीआयु
Senior Citizen60 वर्ष या उससे अधिक, लेकिन 80 वर्ष से कम
Super Senior Citizen80 वर्ष या उससे अधिक

आयकर विभाग की उपलब्ध जानकारी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ विशेष लाभ, कर व्यवस्था के अनुसार अलग exemption limits और advance tax संबंधी प्रावधान बताए गए हैं। वर्ष 2026–27 के लिए लागू नियमों के अनुसार ही पात्रता की जांच करनी चाहिए।

वरिष्ठ नागरिकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

  • Pension Income: नियमित पेंशन की कर योग्य राशि की गणना करें।
  • FD और Savings Interest: ब्याज की कुल राशि की जांच करें तथा लागू deduction की पात्रता देखें।
  • Tax Regime: Old Tax Regime और New Tax Regime के बीच तुलना करें, जहां विकल्प उपलब्ध हो।
  • ITR Filing: केवल वरिष्ठ नागरिक होने से सभी परिस्थितियों में ITR दाखिल करने से छूट नहीं मिलती।
  • Tax Demand: किसी पुराने वर्ष की टैक्स मांग हो तो उसे पोर्टल पर जांचें और जरूरत पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया से चुनौती दें।

यदि किसी Senior Citizen पर वैध टैक्स बकाया है, तो Rule 225 का संशोधन उसकी आयु के आधार पर बकाया समाप्त नहीं करता। गिरफ्तारी और Civil Jail से संबंधित निर्धारित recovery प्रक्रिया हटने के बावजूद अन्य कानूनी वसूली उपाय लागू हो सकते हैं।

7. Family Pension प्राप्त करने वाले वीर नारियों और आश्रितों के लिए जानकारी

पूर्व सैनिक की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी, बच्चों या अन्य पात्र परिवार सदस्यों को Family Pension मिल सकती है। इसकी कर स्थिति सामान्य Service Pension से अलग होती है।

आयकर विभाग की उपलब्ध जानकारी के अनुसार:

  • सामान्य Family Pension पर लागू नियमों के अनुसार कर लगता है और पात्रता के अनुसार निर्धारित deduction मिल सकती है।
  • Armed Forces के उन पात्र परिवारों को, जहां सदस्य की मृत्यु operational duties के दौरान हुई हो, Family Pension पर विशेष छूट उपलब्ध हो सकती है।
  • केवल वीर नारी या आश्रित होने के आधार पर हर प्रकार की आय को tax-free नहीं माना जा सकता।

इसलिए Family Pension Sanction Order और मृत्यु तथा सेवा से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर पात्रता की जांच करना उचित है।

8. टैक्स बकाया होने पर सैनिकों और पूर्व सैनिकों की संपत्ति पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

CBDT के संशोधन के बाद भी टैक्स की वैध मांग का भुगतान न करने पर विभाग लागू कानून के अंतर्गत वसूली कर सकता है।

संभावित उपायों में शामिल हैं:

  • चल संपत्ति की कुर्की और बिक्री।
  • अचल संपत्ति की कुर्की और बिक्री।
  • कानून के तहत अन्य उपलब्ध recovery mechanisms।
  • टैक्स मांग, ब्याज और लागू अन्य रकम की वसूली।

यह समझना जरूरी है कि किसी भी कार्रवाई के लिए लागू कानूनी प्रक्रिया और संबंधित आदेश महत्वपूर्ण हैं। किसी नोटिस के प्राप्त होने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि संपत्ति तुरंत जब्त कर ली जाएगी।

पेंशन खाते के संबंध में: पेंशन या पेंशन खाते की राशि पर किसी विशेष परिस्थिति में कार्रवाई की वैधता का निर्णय लागू कानून, संपत्ति की प्रकृति और संबंधित आदेशों के आधार पर होगा। यह मानना सही नहीं होगा कि हर पेंशन खाते की रकम हर स्थिति में पूरी तरह सुरक्षित है या विभाग बिना किसी प्रक्रिया के उसे जब्त कर सकता है।

यदि किसी पूर्व सैनिक को Recovery Notice प्राप्त होता है, तो वह:

  1. मांग की राशि और संबंधित Assessment Year की जांच करे।
  2. नोटिस की वैधता और भुगतान की समय-सीमा देखें।
  3. गलत मांग होने पर उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जवाब या अपील दायर करे।
  4. बड़ी रकम या संपत्ति पर प्रस्तावित कार्रवाई की स्थिति में योग्य CA या Tax Lawyer से सलाह ले।

Rule 225 के संशोधन में गिरफ्तारी और Civil Jail की निर्धारित प्रक्रिया हटाई गई है; इसलिए पुरानी प्रक्रिया के आधार पर डर फैलाने वाले संदेशों पर भरोसा करने के बजाय नवीनतम आधिकारिक नियम देखें।

9. सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए Quick Checklist

अपनी Tax Compliance Checklist पूरी करें

Service Pension और Re-employment Salary के सभी रिकॉर्ड इकट्ठा करें।

Disability Pension की छूट का दावा करने से पहले पात्रता और संबंधित दस्तावेज जांचें।

Form 16, Form 26AS, AIS और बैंक ब्याज के विवरण मिलाएं।

Income Tax Portal पर Outstanding Demand की स्थिति देखें।

टैक्स मांग गलत हो तो निर्धारित समय में जवाब, सुधार या अपील करें।

संपत्ति कुर्की या Recovery Notice मिलने पर योग्य Tax Professional से सलाह लें।

10. Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. क्या 17 सितंबर 2026 के बाद Income Tax बकाया होने पर किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता?

CBDT ने Rule 225 से टैक्स वसूली के लिए गिरफ्तारी और Civil Jail में हिरासत से संबंधित निर्धारित प्रक्रियाएं हटा दी हैं। इसे सभी प्रकार के अपराधों में गिरफ्तारी पर सार्वभौमिक प्रतिबंध नहीं समझना चाहिए।

Q2. क्या Ex-Servicemen की Service Pension Income Tax Free है?

नहीं। नियमित Service Pension सामान्यतः कर योग्य है। पात्र Commuted Pension और कुछ विशेष प्रकार की Disability Pension पर अलग छूट उपलब्ध हो सकती है।

Q3. क्या Disability Pension प्राप्त करने वाले सभी सैनिक टैक्स से मुक्त हैं?

नहीं। विशेष छूट की पात्रता लागू शर्तों पर निर्भर करती है। विशेष रूप से invalided out होने, disability के सैन्य सेवा से attributable या aggravated होने और संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी है।

Q4. क्या Re-employed Ex-Servicemen को Pension और Salary दोनों पर टैक्स देना पड़ता है?

दोनों आय स्रोत सामान्यतः कर योग्य हो सकते हैं। हालांकि, अंतिम कर देयता लागू exemptions, deductions, tax regime और कुल आय की गणना पर निर्भर करती है।

Q5. क्या Senior Citizens को Income Tax से पूरी छूट है?

नहीं। वरिष्ठ नागरिकों को कुछ विशेष कर लाभ मिल सकते हैं, लेकिन केवल उम्र के आधार पर सभी आय पर पूर्ण छूट नहीं मिलती।

Q6. अगर टैक्स बकाया है, तो क्या विभाग घर या जमीन कुर्क कर सकता है?

कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चल या अचल संपत्ति की कुर्की और बिक्री सहित अन्य recovery mechanisms उपलब्ध रह सकते हैं। इस संशोधन से टैक्स बकाया समाप्त नहीं होता।

निष्कर्ष: सैनिकों और Veterans के लिए क्या संदेश है?

17 सितंबर 2026 का Income-tax (Fourth Amendment) Rules, 2026 संशोधन टैक्स बकाया वसूली की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके अंतर्गत Rule 225 से गिरफ्तारी और Civil Jail में हिरासत की निर्धारित प्रक्रिया हटा दी गई है, लेकिन कर देनदारी और अन्य वैधानिक वसूली उपाय जारी हैं।

सैनिकों, पूर्व सैनिकों, Disability Pension Holders, Re-employed Ex-Servicemen, वीर नारियों और Senior Citizens को दो बातें हमेशा याद रखनी चाहिए:

  1. पहले अपनी आय की सही Taxability समझें। हर पेंशन कर-मुक्त नहीं है और हर Disability Pension पर एक जैसी छूट लागू नहीं होती।
  2. टैक्स मांग को नजरअंदाज न करें। गलत मांग होने पर उपलब्ध प्रक्रिया से उसका विरोध करें और सही मांग होने पर समय पर भुगतान करें।

ESM Info Club का उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सरकारी नियमों, पेंशन, टैक्स और कल्याणकारी योजनाओं के बारे में उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है।

Sainik Welfare YouTube Channel: यहां संबंधित वीडियो का लिंक जोड़ें ताकि पाठक अधिसूचना और उसके प्रभाव को विस्तार से समझ सकें।

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